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भारतीय सभ्यता को आघात पहुंचाता वेब सीरीज

वैसे तो भारतीय सभ्यता को आघात पहुंचाने में बॉलीवुड तो पहले से ही था लेकिन इस मामले में वेब सीरीज ने बॉलीवुड को भी पिछे छोड़ दिया है। सिनेमा वाले जो असभ्यता और अश्लीलता थियेटरो में नहीं दिखा सकते उन्हें वेब सीरीज के माध्यम से आज के युवा तक उनके मोबाइल के माध्यम से पहुंचा देते हैं। आज आप जितने भी वेब सीरीज देख लो अधिकतर या कहे एक दो को छोड़कर बाकि सभी वामपंथ विचारधारा को आगे बढ़ाने वाले ही मिलेंगे जो या तो राष्ट्रविरोधी होती हैं या हिन्दूफोबीक वैसे राष्ट्रविरोधी और हिन्दूफोबीक में कुछ खास अंतर नहीं हैं। वेब सीरीज के माध्यम से हमे सनी लियोनी जैसो की जीवनी दिखाया जाता हैं क्या वो छत्रपति संभाजी महाराज, गुरू तेग़ बहादूर या भगवान बिरसा मुंडा जी या उनके जैसे महान महापुरूषो का जीवनी नहीं दिखा सकते? आप अभी एकता कपूर की XXX सीरीज को ही देख ले ये एक सेमी पोर्न सीरीज तो है ही लेकिन इसके दूसरे सीजन मे तो भारतीय सेना का, उनकी पत्नी की और उनके वर्दी का अपमान किया गया जो कोई नया बात नहीं हैं अब घुल को ही देख लिजिए जिसमे एक ऐसी भविष्य की कल्पना की गई हैं जहाँ के शासन राष्ट्रवादी लोगो के हाथो में हैं

केसे फेक propaganda भारत की छवि को प्रभावित करती हैं

आज हम भारत की एक बहुत बड़ी अंग्रेजी समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस की बात करेंगे जिसकी आय 100 मिलियन अमेरीकी डालर से भी अधिक है तो आप समझ ही सकते होंगे कि इसकी पहुँच कहाँ तक हैं। इसी इंडियन एक्सप्रेस में पाकिस्तानी अखबार न्यूजवीक पाकिस्तान का एक परामर्श संपादक खालिद अहमद का एक आर्टिकल छपा था तो आप सोच सकते हैं कि किस प्रकार उसमें पाकिस्तानी एजेंडा भरा हुआ होगा उन्होने अपनी रिपोर्ट में कहाँ की सुबर्मनयम स्वमी जी ने कहाँ है की " भारत में मुसलमानों को समान नागरीक नहीं माना जाता क्योकि मुसलमान पुरे विश्व के लिए एक खतरा हैं और जहाँ मुस्लिम अधिक होता हैं वहाँ समस्याएं अधिक आती हैं। और इस समस्या के हल के लिए पुरी देश हमारे साथ है। " और यह सब खालिद ने स्वामी जी के एक कनाडा की मीडिया में दी गई साक्षात्कार को तोड़ मोड़कर पेश की। खालीद अहमद की आर्टिकल और उनकी इसी रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त राष्ट्र के under security ऐडम डियांग ने सुबर्मनयम स्वमी जी पर आरोप लगाया था इसके लिए स्वामी जी ने इंडियन एक्सप्रेस और ऐडम डियांग दोनो को लीगल नोटिस भी भेजा की किस आधार पर उन्होने उनको ऐसा बोला। अब

भारतीय मीडिया में विदेशी संपादक

किसी भी मीडिया ग्रूप में संपादक ही यह तय करता हैं की कौन सी खबर कैसे प्रस्तुत किया जाए या उन्हें प्रस्तुत किया भी जाए या नहीं और ये खबर न सिर्फ अपने देश के नागरीको की मानसिकता को प्रभावित करती हैं बल्कि पुरे विश्व के सामने उस देश का छवि को भी प्रभावित करती हैं जहाँ की ये मीडिया हैं अब आप सोचिये अगर किसी मीडिया ग्रूप की संपादक ही विदेशी हो तो वो किस तरह से उस देश को प्रभावित करती होंगी क्योकि उनकी देशभक्ति तो अपने देश के लिए होंगी न की उस देश के लिए जहाँ की मीडिया में वह संपादक हैं। आप सोच रहे होंगे में आज ये सब क्यो बता रहा हूँ वो इसलिए की भारत में भी विदेशी संपादक मौजूद हैं जिनमें से एक द हिन्दू की पूर्व संपादक और द वायर का सह संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन जो कि एक अमेरीका का नागरीक हैं और उन्होने किस तरह से हमारे मानसिकता पर चोट पहुंचाने कि कोशिश को वो हम उनके रिपोर्टिंग से पता चल जाता हैं। All about siddhartha vardhrajan इसी सिद्धार्थ जी ने गुजारत दंगो से आधारित एक रिपोर्ट गोधरा आउटलुक बनाया था जिसमें उन्होने बहुत ही मनगढ़न्त बाते कही बिना सबूत के जैसे कि अगर गोधरा कांड नहीं भी होत